श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 82: सात्यकिके द्वारा कर्णपुत्र प्रसेनका वध, कर्णका पराक्रम और दु:शासन एवं भीमसेनका युद्ध  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  8.82.15 
तत्रान्तरे सुमहत् सूतपुत्र-
श्चक्रे युद्धं सोमकान् सम्प्रमृद्नन्।
रथाश्वमातङ्गगणान् जघान
प्रच्छादयामास शरैर्दिशश्च॥ १५॥
 
 
अनुवाद
इसी बीच सूतपुत्र कर्ण ने सोमकों के साथ घोर युद्ध करके उन्हें मार डाला। उसने उनके बहुत से घोड़े, रथ और हाथी मार डाले और बाणों से सम्पूर्ण दिशाओं को आच्छादित कर दिया॥15॥
 
Meanwhile, Suta's son Karna fought a great battle with the Somakas, killing them. He killed many of their horses, chariots and elephants and covered all directions with arrows.॥ 15॥
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