Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.82.13: उस भयंकर क्षण में जब किरीटधारी अर्जुन ने गाण्डीव धनुष की प्रत्यंचा को गोलाकार में चढ़ाकर शत्रु सेना पर आक्रमण किया और बल तथा तेज में बढ़ने लगे, तब धनुष की टंकार आकाश में गूंज उठी, जिससे भयभीत पक्षी पर्वतों की गुफाओं में छिप गये। | mahabharat अध्याय 8.82: सात्यकिके द्वारा कर्णपुत्र प्रसेनका वध, कर्णका पराक्रम और दु:शासन एवं भीमसेनका युद्ध । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस भयंकर क्षण में जब किरीटधारी अर्जुन ने गाण्डीव धनुष की प्रत्यंचा को गोलाकार में चढ़ाकर शत्रु सेना पर आक्रमण किया और बल तथा तेज में बढ़ने लगे, तब धनुष की टंकार आकाश में गूंज उठी, जिससे भयभीत पक्षी पर्वतों की गुफाओं में छिप गये।
In that dreadful moment when the crown-wearing Arjuna, having strung the string of the Gandiva bow in a circular shape, attacked the enemy army and began to grow in strength and glory, the sound of the bow reverberated in the sky, due to which the frightened birds hid in the caves of the mountains.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥