श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 82: सात्यकिके द्वारा कर्णपुत्र प्रसेनका वध, कर्णका पराक्रम और दु:शासन एवं भीमसेनका युद्ध  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  8.82.10 
अथाक्रन्दे तुमुले वर्तमाने
धार्ष्टद्युम्ने निहते तत्र कृष्ण:।
अपाञ्चाल्यं क्रियते याहि पार्थ
कर्णं जहीत्यब्र्रवीद् राजसिंह॥ १०॥
 
 
अनुवाद
राजा सिंह! जब वह भयंकर युद्ध आरम्भ हो गया और धृष्टद्युम्न का पुत्र मारा गया, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा - 'पार्थ! कर्ण पांचालों का संहार कर रहा है, अतः आगे बढ़कर उसका वध करो।'
 
King Singh! When that terrible battle started and Dhrishtadyumna's son was killed, then Lord Krishna said to Arjun - 'Partha! Karna is killing the Panchalas, so go ahead and kill him.'
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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