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mahabharat 8.81.7: तत्पश्चात् बहुत से कौरव योद्धा रथ, हाथी और घोड़ों सहित निर्भय होकर कौरवों में श्रेष्ठ भरतभूषण अर्जुन का सामना करने के लिए आए॥7॥   |   mahabharat अध्याय 8.81: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव वीरोंका संहार तथा कर्णका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 81: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव वीरोंका संहार तथा कर्णका पराक्रम  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  8.81.7 
तत: सरथनागाश्वा: कुरव: कुरुसत्तमम्।
निर्भया भरतश्रेष्ठमभ्यवर्तन्त फाल्गुनम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् बहुत से कौरव योद्धा रथ, हाथी और घोड़ों सहित निर्भय होकर कौरवों में श्रेष्ठ भरतभूषण अर्जुन का सामना करने के लिए आए॥7॥
 
Thereafter, many Kaurava warriors with chariots, elephants and horses came fearlessly to face Bharatbhushan, the best of Kurus, Arjuna. 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)