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mahabharat 8.81.6: किरीटधारी अर्जुन के चलाये हुए नाना प्रकार के बाणों से घायल होकर वे संशप्तक महारथी अपना पुण्य खोकर रथ से नीचे गिर पड़े, जैसे सिद्ध पुरुष अपने विमान सहित स्वर्ग से गिर पड़ते हैं।   |   mahabharat अध्याय 8.81: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव वीरोंका संहार तथा कर्णका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 81: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव वीरोंका संहार तथा कर्णका पराक्रम  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  8.81.6 
तेऽपतन्त हता बाणैर्नानारूपै: किरीटिना।
सविमाना यथा सिद्धा: स्वर्गात् पुण्यक्षये तथा॥ ६॥
 
 
अनुवाद
किरीटधारी अर्जुन के चलाये हुए नाना प्रकार के बाणों से घायल होकर वे संशप्तक महारथी अपना पुण्य खोकर रथ से नीचे गिर पड़े, जैसे सिद्ध पुरुष अपने विमान सहित स्वर्ग से गिर पड़ते हैं।
 
Having been struck by various kinds of arrows shot by crown-wearing Arjun, those charioteers of the Samshaptaka category, on losing their merits, fell down from the chariot like the Siddhas falling from heaven along with their aircraft.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)