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mahabharat 8.81.56: हे प्राणियों में श्रेष्ठ महाराज! तत्पश्चात् कर्ण के छोड़े हुए हजारों बाण पांचालों का संहार करने लगे॥56॥   |   mahabharat अध्याय 8.81: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव वीरोंका संहार तथा कर्णका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 81: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव वीरोंका संहार तथा कर्णका पराक्रम  »  श्लोक 56
 
 
श्लोक  8.81.56 
तत: शरसहस्राणि कर्णमुक्तानि मारिष।
व्ययोजयन्त पञ्चालान् प्राणै: प्राणभृतां वर॥ ५६॥
 
 
अनुवाद
हे प्राणियों में श्रेष्ठ महाराज! तत्पश्चात् कर्ण के छोड़े हुए हजारों बाण पांचालों का संहार करने लगे॥56॥
 
Honorable King, the best among living beings! Thereafter, thousands of arrows shot by Karna started killing the Panchalas. 56॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)