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mahabharat 8.81.54: तत्पश्चात् धर्मात्मा अधिरथपुत्र कर्ण ने अपना विशाल धनुष फैलाकर अर्जुन के सामने ही पुनः पांचाल योद्धाओं पर आक्रमण किया॥54॥   |   mahabharat अध्याय 8.81: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव वीरोंका संहार तथा कर्णका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 81: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव वीरोंका संहार तथा कर्णका पराक्रम  »  श्लोक 54
 
 
श्लोक  8.81.54 
विस्फार्य सुमहच्चापं ततश्चाधिरथिर्वृष:।
पञ्चालान् पुनराधावत् पश्यत: सव्यसाचिन:॥ ५४॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् धर्मात्मा अधिरथपुत्र कर्ण ने अपना विशाल धनुष फैलाकर अर्जुन के सामने ही पुनः पांचाल योद्धाओं पर आक्रमण किया॥54॥
 
After that, Karna, son of Adhiratha, the righteous man, spread his huge bow and attacked the Panchala warriors again in front of Arjuna. 54॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)