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mahabharat 8.81.52: यह देखकर कि अर्जुन ने आपकी सेना को बलपूर्वक परास्त कर दिया है, कर्ण शत्रुओं का वध करने की इच्छा से धनुष खींचकर खड़ा हो गया।   |   mahabharat अध्याय 8.81: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव वीरोंका संहार तथा कर्णका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 81: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव वीरोंका संहार तथा कर्णका पराक्रम  »  श्लोक 52
 
 
श्लोक  8.81.52 
सम्भग्नं हि बलं दृष्ट्वा बलात् पार्थेन तावकम्।
धनुर्विस्फारयन् कर्णस्तस्थौ शत्रुजिघांसया॥ ५२॥
 
 
अनुवाद
यह देखकर कि अर्जुन ने आपकी सेना को बलपूर्वक परास्त कर दिया है, कर्ण शत्रुओं का वध करने की इच्छा से धनुष खींचकर खड़ा हो गया।
 
Seeing that Arjuna has forcefully routed your army, Karna stood up, drawing his bow with the desire to slay the enemies.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)