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mahabharat 8.81.51: उन्हें रक्त से लथपथ, व्यथा में डूबे हुए और बाणों के घावों से व्याकुल देखकर कर्ण ने कहा - 'वीरों! डरो मत। तुम सब लोग निर्भय होकर मेरे पास आओ।'॥51॥   |   mahabharat अध्याय 8.81: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव वीरोंका संहार तथा कर्णका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 81: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव वीरोंका संहार तथा कर्णका पराक्रम  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  8.81.51 
तान् शोणितपरिक्लिन्नान् विषमस्थान् शरातुरान्।
मा भैष्टेत्यब्रवीत् कर्णो ह्यभीतो मामितेति च॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
उन्हें रक्त से लथपथ, व्यथा में डूबे हुए और बाणों के घावों से व्याकुल देखकर कर्ण ने कहा - 'वीरों! डरो मत। तुम सब लोग निर्भय होकर मेरे पास आओ।'॥51॥
 
Seeing them soaked in blood, immersed in distress and troubled by the wounds of arrows, Karna said - 'Heroes! Do not be afraid. All of you come to me without any fear.'॥ 51॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)