Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.81.48: महाराज! कौरव सेनाएँ गाण्डीवधारी अर्जुन के भय से विषहीन सर्पों के समान कर्ण के पास छिपने लगीं ॥48॥   |   mahabharat अध्याय 8.81: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव वीरोंका संहार तथा कर्णका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 81: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव वीरोंका संहार तथा कर्णका पराक्रम  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  8.81.48 
कुरवो हि महाराज निर्विषा: पन्नगा इव।
कर्णमेवोपलीयन्त भयाद् गाण्डीवधन्वन:॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
महाराज! कौरव सेनाएँ गाण्डीवधारी अर्जुन के भय से विषहीन सर्पों के समान कर्ण के पास छिपने लगीं ॥48॥
 
Maharaj! Like non-venomous snakes, the Kauravas started hiding near Karna in fear of Arjuna wielding the Gandiva. 48॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)