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ते हित्वा समरे कर्णं वध्यमानाश्च सायकै:।
प्रदुद्रुवुर्दिशो भीताश्चुक्रुशुश्चापि सूतजम्॥ ४५॥
अनुवाद
बाणों से बिंधकर वे भयभीत हो गए और कर्ण को युद्धभूमि में अकेला छोड़कर चारों दिशाओं में भाग गए, किन्तु रक्षा के लिए सारथीपुत्र कर्ण को पुकारते रहे।
Pierced by the arrows, they became frightened and leaving Karna alone on the battlefield, they fled in all directions, but kept on calling out to Karna, the son of a charioteer, for protection.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥