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mahabharat 8.81.4: तत्पश्चात् संशप्तक रथियों ने कर्ण के रथ की ओर जा रहे शत्रुसूदन धनंजय पर आक्रमण कर दिया और बाणों की वर्षा से उसे घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.81: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव वीरोंका संहार तथा कर्णका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 81: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव वीरोंका संहार तथा कर्णका पराक्रम  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  8.81.4 
तत: कर्णरथं यान्तमरिघ्नं तं धनंजयम्।
बाणवर्षैरभिघ्नन्त: संशप्तकरथा ययु:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् संशप्तक रथियों ने कर्ण के रथ की ओर जा रहे शत्रुसूदन धनंजय पर आक्रमण कर दिया और बाणों की वर्षा से उसे घायल कर दिया।
 
Thereafter the Samshaptaka charioteers attacked Shatrusudana Dhananjaya who was going towards Karna's chariot, wounding him with a shower of arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)