श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 81: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव वीरोंका संहार तथा कर्णका पराक्रम  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  8.81.39 
तत: कुरूणामभवदार्तनादो महान् नृप।
नराश्वनागासुहरैर्वध्यतामर्जुनेषुभि:॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
नरेश्वर! तत्पश्चात् अर्जुन के बाणों से पीड़ित होकर, मनुष्य, घोड़े और हाथियों के प्राण हरने वाले कौरवों में से महान् हाहाकार सुनाई देने लगा॥39॥
 
Nareshwar! Thereafter, a great cry began to be heard from the Kauravas, suffering casualties from the arrows of Arjuna, who took the lives of humans, horses and elephants. 39॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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