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श्लोक  8.81.34 
गजान् सकङ्कटान् मत्तान् सारोहान् सपताकिन:।
पतत: समपश्याम सपक्षान् पर्वतानिव॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
हमने उन्मत्त हाथियों को, उनके कवच, सवार और ध्वजों के साथ, पंखों वाले पर्वतों की तरह नीचे गिरते देखा।
 
We saw mad elephants, with their armour, riders and banners, fall down like winged mountains.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)