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mahabharat 8.81.14: फिर उसने नाना प्रकार के चिन्हों वाले उत्तम बाणों द्वारा उन समस्त हाथियों को उनकी ध्वजाओं, झंडियों और सवारों सहित मार डाला, जैसे इन्द्र ने अपने वज्र के प्रहार से पर्वतों को नष्ट कर दिया था।   |   mahabharat अध्याय 8.81: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव वीरोंका संहार तथा कर्णका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 81: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव वीरोंका संहार तथा कर्णका पराक्रम  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  8.81.14 
अथ तान् द्विरदान् सर्वान् नानालिङ्गै: शरोत्तमै:।
सपताकध्वजारोहान् गिरीन् वज्रैरिवाहनत्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
फिर उसने नाना प्रकार के चिन्हों वाले उत्तम बाणों द्वारा उन समस्त हाथियों को उनकी ध्वजाओं, झंडियों और सवारों सहित मार डाला, जैसे इन्द्र ने अपने वज्र के प्रहार से पर्वतों को नष्ट कर दिया था।
 
Then with excellent arrows bearing various symbols he killed all those elephants along with their banners, flags and riders, just as Indra had destroyed mountains with the strokes of his thunderbolt.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)