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mahabharat 8.81.13: हाथियों की सूँडों से जो अस्त्र-शस्त्रों की अतुल वर्षा हो रही थी, उसे अर्जुन ने अपने तीखे भालों और अर्द्धचन्द्रों से नष्ट कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.81: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव वीरोंका संहार तथा कर्णका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 81: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव वीरोंका संहार तथा कर्णका पराक्रम  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  8.81.13 
तां शस्त्रवृष्टिमतुलां द्विपहस्तै: प्रवेरिताम्।
चिच्छेद निशितैर्भल्लैरर्धचन्द्रैश्च फाल्गुन:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
हाथियों की सूँडों से जो अस्त्र-शस्त्रों की अतुल वर्षा हो रही थी, उसे अर्जुन ने अपने तीखे भालों और अर्द्धचन्द्रों से नष्ट कर दिया।
 
That matchless shower of weapons, which came from the trunks of the elephants, was destroyed by Arjuna with his sharp spears and crescent moons. 13.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)