Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.80.18-19h: जैसे किसी महान पर्वत पर बाँस का वन रात्रि के समय जल रहा हो, उसी प्रकार अर्जुन के बाणों से घायल होकर आपकी विशाल सेना आग की लपटों से घिरी हुई प्रतीत हो रही थी॥18 1/2॥ | mahabharat अध्याय 8.80: अर्जुनका कौरव-सेनाको नष्ट करके आगे बढ़ना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महागिरौ वेणुवनं निशि प्रज्वलितं यथा॥ १८॥
तथा तव महासैन्यं प्रास्फुरच्छरपीडितम्।
अनुवाद
जैसे किसी महान पर्वत पर बाँस का वन रात्रि के समय जल रहा हो, उसी प्रकार अर्जुन के बाणों से घायल होकर आपकी विशाल सेना आग की लपटों से घिरी हुई प्रतीत हो रही थी॥18 1/2॥
Just as a bamboo forest on a great mountain is burning at night, similarly your huge army, struck by Arjuna's arrows, appeared to be surrounded by flames. ॥18 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥