Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.80.15-16h: उन्होंने अपने विशाल गाण्डीव धनुष को भयंकर स्वर में टंकार किया, जो आकाश में वज्र की ध्वनि के समान गूँज रहा था। ॥15 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 8.80: अर्जुनका कौरव-सेनाको नष्ट करके आगे बढ़ना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 80: अर्जुनका कौरव-सेनाको नष्ट करके आगे बढ़ना  »  श्लोक 15-16h
 
 
श्लोक  8.80.15-16h 
व्यस्फारयद् वै गाण्डीवं सुमहद् भैरवारवम्॥ १५॥
घोरवज्रविनिष्पेषं स्तनयित्नुरिवाम्बरे।
 
 
अनुवाद
उन्होंने अपने विशाल गाण्डीव धनुष को भयंकर स्वर में टंकार किया, जो आकाश में वज्र की ध्वनि के समान गूँज रहा था। ॥15 1/2॥
 
He twanged his huge Gandiva bow in a terrifying tone that was as blaring as the sound of a thunderbolt in the sky. ॥15 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)