श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस  »  श्लोक 92-93h
 
 
श्लोक  8.79.92-93h 
अथाभिसृत्य प्रतिवार्य तानरीन्
धनंजयस्याभिमुखं महारथा:॥ ९२॥
शिखण्डिशैनेययमा: शितै: शरै-
र्विदारयन्तो व्यनदन् सुभैरवम्।
 
 
अनुवाद
अर्जुन के सामने जा रहे उन शत्रुओं के सामने पहुँचकर महारथी शिखण्डी, सात्यकि, नकुल और सहदेव ने उन्हें रोक लिया और तीखे बाणों से उन सबको बींधते हुए भयंकर गर्जना की।
 
Reaching in front of those enemies going in front of Arjuna, the great warriors Shikhandi, Satyaki, Nakula and Sahadeva stopped them and roared fiercely while piercing them all with sharp arrows. 92 1/2
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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