Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.79.91-92h: तत्पश्चात् श्रीकृष्ण ने अपने रथ से समस्त उत्तेजित शत्रुओं को शीघ्रतापूर्वक दाहिनी ओर धकेल दिया। तत्पश्चात् अन्य योद्धाओं ने ध्वजाओं से सुसज्जित रथों द्वारा धनंजय पर पुनः आक्रमण किया, जो वृत्रासुर को मारने के लिए इन्द्र के समान वेग से आगे बढ़ रहा था। | mahabharat अध्याय 8.79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् श्रीकृष्ण ने अपने रथ से समस्त उत्तेजित शत्रुओं को शीघ्रतापूर्वक दाहिनी ओर धकेल दिया। तत्पश्चात् अन्य योद्धाओं ने ध्वजाओं से सुसज्जित रथों द्वारा धनंजय पर पुनः आक्रमण किया, जो वृत्रासुर को मारने के लिए इन्द्र के समान वेग से आगे बढ़ रहा था।
Thereafter Shri Krishna quickly pushed all the agitated enemies to the right with his chariot. Then the other warriors again attacked Dhananjaya with chariots decorated with raised flags, who was advancing with the speed of Indra who wanted to kill Vritrasura.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥