श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस  »  श्लोक 86
 
 
श्लोक  8.79.86 
कृपश्च भोजश्च तवात्मजश्च ते
शरैरनेकैर्युधि पाण्डवर्षभम्।
महारथा: संयुगमूर्धनि स्थिता-
स्तमोनुदं वारिधरा इवापतन्॥ ८६॥
 
 
अनुवाद
कृपाचार्य, कृतवर्मा और आपके पुत्र दुर्योधन, ये तीनों महारथी युद्धभूमि में खड़े होकर पाण्डव योद्धा अर्जुन को अनेक बाणों से घायल करने लगे, मानो सूर्यदेव पर अनेक बादल टूट पड़े हों।
 
Standing at the mouth of the battlefront, the three mighty car-warriors, Krupacharya, Kritavarma and your son Duryodhana, began injuring the Pandava warrior Arjun with many arrows on the battlefield, as if many clouds had fallen upon the Sun God.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)