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mahabharat 8.79.83: तत्पश्चात् अर्जुन ने तीन बाणों से उसका चमकता हुआ धनुष, एक खड्ग से सारथि का सिर, चार बाणों से उसके चारों घोड़े तथा तीन बाणों से अश्वत्थामा के रथ की ध्वजा काट डाली।   |   mahabharat अध्याय 8.79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस  »  श्लोक 83
 
 
श्लोक  8.79.83 
तथापि तं प्रस्फुरदात्तकार्मुकं
त्रिभि: शरैर्यन्तृशिर: क्षुरेण।
हयांश्चतुर्भिश्च पुनस्त्रिभिर्ध्वजं
धनंजयो द्रौणिरथादपातयत्॥ ८३॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् अर्जुन ने तीन बाणों से उसका चमकता हुआ धनुष, एक खड्ग से सारथि का सिर, चार बाणों से उसके चारों घोड़े तथा तीन बाणों से अश्वत्थामा के रथ की ध्वजा काट डाली।
 
Then Arjuna with three arrows cut off his shining bow, with one dagger the head of the charioteer, with four arrows cut off his four horses and with three arrows cut off his flag from Ashvatthama's chariot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)