श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस  »  श्लोक 82
 
 
श्लोक  8.79.82 
अथाग्रॺबाणैर्दशभिर्धनंजयं
पराभिनद् द्रोणसुतोऽच्युतं त्रिभि:।
चतुर्भिरश्वांश्चतुर: कपिं तत:
शरैश्च नाराचवरैरवाकिरत्॥ ८२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् द्रोणपुत्र अश्वत्थामा ने दस बाणों से अर्जुन को, तीन बाणों से भगवान श्रीकृष्ण को तथा चार बाणों से उनके चारों घोड़ों को घायल कर दिया। तत्पश्चात् वह ध्वजा पर बैठे हुए वानरों पर बाणों तथा उत्तम घोषों की वर्षा करने लगा। 82॥
 
Thereafter, Drona's son Ashwatthama injured Arjuna with ten arrows, Lord Krishna with three and his four horses with four. After that, he started showering arrows and excellent slogans on the monkey sitting on the flag. 82॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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