श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  8.79.59 
श्वेताश्वयुक्तं च सुघोषमुग्रं
रथं महाबाहुरदीनसत्त्व:।
महेषुधी चाक्षये दिव्यरूपे
शस्त्राणि दिव्यानि च हव्यवाहात्॥ ५९॥
 
 
अनुवाद
महाबाहु अर्जुन ने, जो उदार हृदय वाले थे, अग्निदेव से श्वेत घोड़ों द्वारा खींचा जाने वाला एक भयंकर रथ, दो दिव्य, विशाल एवं अक्षय तरकश तथा अलौकिक अस्त्र-शस्त्र प्राप्त किये।
 
The mighty-armed Arjuna, endowed with a magnanimous heart, received from the god of fire a fearsome chariot drawn by white horses making a loud noise, two divine, huge and inexhaustible quivers, and supernatural weapons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)