Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.79.52: या तो मैं उनके द्वारा मारा जाऊँगा और सदा के लिए सो जाऊँगा; क्योंकि युद्ध में विजय अनिश्चित है। आज मैं उन्हें मारकर या मरकर पूर्णतः संतुष्ट हो जाऊँगा ॥ 52॥ | mahabharat अध्याय 8.79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स्वप्स्ये वा निहतस्ताभ्यामनित्यो हि रणे जय:।
कृतार्थोऽद्य भविष्यामि हत्वा वाप्यथवा हत:॥ ५२॥
अनुवाद
या तो मैं उनके द्वारा मारा जाऊँगा और सदा के लिए सो जाऊँगा; क्योंकि युद्ध में विजय अनिश्चित है। आज मैं उन्हें मारकर या मरकर पूर्णतः संतुष्ट हो जाऊँगा ॥ 52॥
Or I will be killed by them and sleep forever; because victory in battle is uncertain. Today I will be completely satisfied by killing them or by getting killed. ॥ 52॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥