श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  8.79.51 
कृष्णौ च पुरुषव्याघ्र तत: सत्यं ब्रवीमि ते।
नाहत्वा युधि तौ वीरौ व्यपयास्ये कथंचन॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
हे नरसिंह! मैं तुमसे सत्य कहता हूँ कि मैं युद्धस्थल में उन दोनों वीरों श्रीकृष्ण और अर्जुन को मारे बिना किसी प्रकार पीछे नहीं हटूँगा॥51॥
 
O lion of men! I tell you the truth that I will not retreat in any way without killing those two brave men, Shri Krishna and Arjun, on the battlefield. ॥ 51॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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