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श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  8.79.49 
कर्ण उवाच
प्रकृतिस्थोऽसि मे शल्य इदानीं सम्मतस्तथा।
प्रतिभासि महाबाहो मा भैषीस्त्वं धनंजयात्॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
कर्ण ने कहा- शल्य! इस समय आप अपने वास्तविक स्वरूप में स्थित हैं और मेरी बात से सहमत प्रतीत होते हैं। हे महाबाहो! अर्जुन से मत डरो।
 
Karna said- Shalya! At this time you are established in your true form and seem to be agreeing with me. O mighty-armed one! Do not be afraid of Arjuna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)