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mahabharat 8.79.43: हे कर्ण! उस अर्जुन को मार डालो जो बातूनी सर्प, गरजते हुए वृषभ और वनवासी व्याघ्र के समान भयंकर है।   |   mahabharat अध्याय 8.79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  8.79.43 
लेलिहानं यथा सर्पं गर्जन्तमृषभं यथा।
वनस्थितं यथा व्याघ्रं जहि कर्ण धनंजयम्॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
हे कर्ण! उस अर्जुन को मार डालो जो बातूनी सर्प, गरजते हुए वृषभ और वनवासी व्याघ्र के समान भयंकर है।
 
Karna! Kill Arjuna who is as fierce as a loquacious serpent, a roaring bull and a forest-dwelling tiger.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)