श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  8.79.39 
न तं पश्यामि लोकेऽस्मिंस्त्वत्तो ह्यन्यं धनुर्धरम्।
अर्जुनं समरे क्रुद्धं यो वेलामिव धारयेत्॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
इस संसार में मैं आपके अतिरिक्त किसी अन्य धनुर्धर को नहीं जानता, जो समुद्र में उमड़ते ज्वार के समान युद्धस्थल में क्रोधित अर्जुन को रोक सके।
 
In this world I do not know of any other archer except you who can stop Arjuna, who is enraged in the battlefield like the rising tide in the ocean.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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