श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  8.79.34 
न ह्यवस्थास्यते पार्थो युयुत्सु: केनचित् सह।
त्वामृते क्रोधदीप्तो हि पीडॺमाने वृकोदरे॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन क्रोध से जल रहे हैं, क्योंकि भीमसेन घायल हो गये हैं, अतः आज वे आपके अतिरिक्त किसी अन्य से युद्ध करने के लिए प्रतीक्षा नहीं कर सकेंगे।' 34.
 
Arjuna is fuming with anger because Bhimasena has been injured, so today he will not be able to wait to fight with anyone else except you.' 34.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)