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श्लोक 8.79.32  |
एषा विदीर्यते सेना धार्तराष्ट्री समन्तत:।
अर्जुनस्य भयात् तूर्णं निघ्नत: शात्रवान् बहून्॥ ३२॥ |
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| अनुवाद |
| अर्जुन थोड़े ही समय में बहुत से शत्रुओं का संहार कर देता है, इसलिए उसके भय से दुर्योधन की सेना सब ओर से तितर-बितर होकर भाग रही है॥ 32॥ |
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| Arjuna kills many enemies in a short time, so out of fear of him, Duryodhan's army is scattered from all sides and is fleeing.॥ 32॥ |
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