श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  8.79.30 
व्याकुलीकृतमत्यर्थं परसैन्यं किरीटिना।
नानामृगसहस्राणां यूथं केसरिणां यथा॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
किरीटधारी अर्जुन ने शत्रु सेना को उसी प्रकार व्याकुल कर दिया है, जैसे सिंह नाना प्रकार के हजारों मृगों के समूह को व्याकुल कर देता है।
 
The crown-wearing Arjuna has greatly perturbed the enemy army, just as a lion perturbs a herd of thousands of deer of various species.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)