श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  8.79.24 
एतत् कूजति गाण्डीवं विसृष्टं सव्यसाचिना।
एते हस्तवता मुक्ता घ्नन्त्यमित्रान् शिता: शरा:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
‘सव्यसाची द्वारा खींचा हुआ यह गाण्डीव धनुष टंकार रहा है, और कुशल अर्जुन द्वारा छोड़े गए ये तीखे बाण शत्रुओं का नाश कर रहे हैं।॥ 24॥
 
‘This Gandiva bow drawn by Savyasachi is twanging, these sharp arrows shot by the expert Arjuna are destroying the enemies.॥ 24॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd