श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  8.79.23 
एतच्चक्रं गदा शङ्ख: शार्ङ्ग कृष्णस्य च प्रभो।
दृश्यते पाण्डवरथे वाहयानस्य वाजिन:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
‘पाण्डुपुत्र के रथ पर बैठे हुए तथा घोड़ों को हाँकते हुए भगवान श्रीकृष्ण के चक्र, गदा, शंख और धनुष दिखाई दे रहे हैं॥23॥
 
‘The chakra, mace, conch and bow of Lord Shri Krishna are visible sitting on the chariot of son of Pandu and driving the horses. 23॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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