श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  8.79.22 
एष ध्वजाग्रे पार्थस्य प्रेक्षमाण: समन्तत:।
दृश्यते वानरो भीमो वीराणां भयवर्धन:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
कुंतीपुत्र अर्जुन की ध्वजा के अग्रभाग पर एक भयंकर वानर दिखाई दे रहा है। वह चारों दिशाओं में देख रहा है और कौरव योद्धाओं का भय बढ़ा रहा है।
 
On the front of the flag of Kunti's son Arjuna a fierce monkey is visible. He is looking in all directions and increasing the fear of the Kaurava warriors.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)