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श्री महाभारत
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पर्व 8: कर्ण पर्व
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अध्याय 79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस
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श्लोक 20
श्लोक
8.79.20
एष तिष्ठति कौन्तेय: संस्पृशन् गाण्डिवं धनु:।
तं हनिष्यसि चेदद्य तन्न: श्रेयो भविष्यति॥ २०॥
अनुवाद
ये कुन्तीकुमार अर्जुन हाथ में गाण्डीव धनुष लिये खड़े हैं। यदि आप आज इन्हें मार डालें, तो हमारा कल्याण होगा।
This Kuntikumar Arjun is standing with the Gandiva bow in his hand. If you kill him today, it will be beneficial for us.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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