श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  8.79.17 
महता रथघोषेण पाण्डव: सत्यविक्रम:।
अभ्ययादप्रमेयात्मा निर्जयंस्तव वाहिनीम्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
वीर पाण्डव अर्जुन अपार आत्मविश्वास से युक्त थे। वे बड़े ही रथ-ध्वनि से आपकी सेना को परास्त करते हुए आगे बढ़े॥17॥
 
The brave Pandava Arjuna was blessed with immeasurable self-confidence. They proceeded forward, defeating your army with great chariot noise. 17॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd