श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  8.79.16 
रथघोष: स संग्रामे पाण्डवेयस्य सम्बभौ।
वासवाशनितुल्यस्य मेघौघस्येव मारिष॥ १६॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! युद्ध में पाण्डुपुत्र अर्जुन के रथ की गर्जना इन्द्र के वज्र की गर्जना और बादलों की गर्जना के समान प्रतीत हो रही थी॥16॥
 
Respected King! The roar of the chariot of Pandu's son Arjuna in the battle seemed like the thunder of Indra's thunderbolt and the roar of the clouds. 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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