श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  8.79.15 
प्रयातश्च महाबाहु: पाण्डवानुज्ञया हरि:।
आश्वासयन् रथेनैव पाण्डुसैन्यानि सर्वश:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन की अनुमति पाकर महाबली श्रीकृष्ण अपने रथ पर सवार होकर पाण्डव सेनाओं को सब ओर से आश्वस्त करते हुए आगे बढ़े॥15॥
 
With Arjun's permission, the powerful Sri Krishna proceeded forward in his chariot, assuring the Pandava armies from all sides. ॥ 15॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd