Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.79.12-13: जनार्दन! मैं सोच रहा हूँ कि आप मेरे इस विशाल रथ को वहाँ (जहाँ कर्ण खड़ा है) ले चलें। मैं युद्धभूमि में कर्ण का वध किए बिना नहीं लौटूँगा। अन्यथा राधापुत्र हमारे सामने ही युद्धभूमि में पाण्डवों और संजय महारथियों का नाश कर देगा - किसी को भी जीवित नहीं छोड़ेगा॥ 12-13॥ | mahabharat अध्याय 8.79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जनार्दन! मैं सोच रहा हूँ कि आप मेरे इस विशाल रथ को वहाँ (जहाँ कर्ण खड़ा है) ले चलें। मैं युद्धभूमि में कर्ण का वध किए बिना नहीं लौटूँगा। अन्यथा राधापुत्र हमारे सामने ही युद्धभूमि में पाण्डवों और संजय महारथियों का नाश कर देगा - किसी को भी जीवित नहीं छोड़ेगा॥ 12-13॥
Janardan! I am thinking that you should drive this huge chariot of mine to the place (where Karna is standing). I will not return without killing Karna in the battlefield. Otherwise Radha's son will destroy the Pandavas and Sanjaya Maharathas in the battlefield right in front of us - he will not leave anyone alive.॥ 12-13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥