श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  8.79.11 
एष शल्यो रथोपस्थे रश्मिसंचारकोविद:।
सूतपुत्ररथं कृष्ण वाहयन् बहु शोभते॥ ११॥
 
 
अनुवाद
श्री कृष्ण! घोड़ों की लगाम थामने की कला में निपुण राजा शल्य रथ के निचले भाग में बैठकर सारथीपुत्र का रथ हाँकते हुए अत्यंत शोभायमान दिखते हैं॥11॥
 
Sri Krishna! Skilled in the art of controlling the reins of horses, King Shalya sits in the lower part of the chariot and looks very graceful while driving the chariot of a charioteer's son. ॥ 11॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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