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mahabharat 8.78.59-60h: वहाँ हमने पांचाल योद्धाओं का अद्भुत पराक्रम देखा कि मारे जाने पर भी उन्होंने कर्ण को युद्धभूमि के मुहाने पर नहीं छोड़ा।   |   mahabharat अध्याय 8.78: कर्णके द्वारा पाण्डव-सेनाका संहार और पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 78: कर्णके द्वारा पाण्डव-सेनाका संहार और पलायन  »  श्लोक 59-60h
 
 
श्लोक  8.78.59-60h 
तत्राद्भुतमपश्याम पञ्चालानां पराक्रमम्॥ ५९॥
वध्यमानापि यत् कर्णं नाजहू रणमूर्धनि।
 
 
अनुवाद
वहाँ हमने पांचाल योद्धाओं का अद्भुत पराक्रम देखा कि मारे जाने पर भी उन्होंने कर्ण को युद्धभूमि के मुहाने पर नहीं छोड़ा।
 
There we saw the astonishing valour of the Panchala warriors, that even after being killed they did not abandon Karna at the mouth of the battle field. 59 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)