Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.78.18-19: युद्ध में शिखण्डी ने कर्ण को पच्चीस बाणों से, धृष्टद्युम्न ने सात बाणों से, द्रौपदीपुत्रों ने चौसठ बाणों से, सहदेव ने सात बाणों से और नकुल ने सौ बाणों से घायल कर दिया ॥18-19॥   |   mahabharat अध्याय 8.78: कर्णके द्वारा पाण्डव-सेनाका संहार और पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 78: कर्णके द्वारा पाण्डव-सेनाका संहार और पलायन  »  श्लोक 18-19
 
 
श्लोक  8.78.18-19 
शिखण्डी पञ्चविंशत्या धृष्टद्युम्नश्च सप्तभि:॥ १८॥
द्रौपदेयाश्चतु:षष्टॺा सहदेवश्च सप्तभि:।
नकुलश्च शतेनाजौ कर्णं विव्याध सायकै:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
युद्ध में शिखण्डी ने कर्ण को पच्चीस बाणों से, धृष्टद्युम्न ने सात बाणों से, द्रौपदीपुत्रों ने चौसठ बाणों से, सहदेव ने सात बाणों से और नकुल ने सौ बाणों से घायल कर दिया ॥18-19॥
 
Karna was wounded in the battle by Shikhandi with twenty-five arrows, Dhrishtadyumna with seven, Draupadi's sons with sixty-four, Sahadev with seven and Nakula with a hundred arrows. 18-19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)