Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.78.1-2: धृतराष्ट्र ने पूछा- संजय! जब युद्धभूमि में भीमसेन द्वारा कौरव सेनाओं को पराजित कर दिया गया, तब विजयी योद्धाओं में सर्वश्रेष्ठ दुर्योधन, शकुनि, कर्ण, मेरे अन्य योद्धा कृपाचार्य, कृतवर्मा, अश्वत्थामा या दुशासन ने क्या कहा? | mahabharat अध्याय 8.78: कर्णके द्वारा पाण्डव-सेनाका संहार और पलायन । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धृतराष्ट्र उवाच
ततो भग्नेषु सैन्येषु भीमसेनेन संयुगे।
दुर्योधनोऽब्रवीत् किं नु सौबलो वापि संजय॥ १॥
कर्णो वा जयतां श्रेष्ठो योधा वा मामका युधि।
कृपो वा कृतवर्मा वा द्रौणिर्दु:शासनोऽपि वा॥ २॥
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने पूछा- संजय! जब युद्धभूमि में भीमसेन द्वारा कौरव सेनाओं को पराजित कर दिया गया, तब विजयी योद्धाओं में सर्वश्रेष्ठ दुर्योधन, शकुनि, कर्ण, मेरे अन्य योद्धा कृपाचार्य, कृतवर्मा, अश्वत्थामा या दुशासन ने क्या कहा?
Dhritarashtra asked- Sanjay! When the Kaurava armies were routed by Bhimasena in the battlefield, what did Duryodhana, Shakuni, Karna, the best of victorious warriors, my other warriors Kripacharya, Kritavarma, Ashwatthama or Dushasana say?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥