श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 77: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार तथा भीमसेनसे शकुनिकी पराजय एवं दुर्योधनादि धृतराष्ट्रपुत्रोंका सेनासहित भागकर कर्णका आश्रय लेना  »  श्लोक 76
 
 
श्लोक  8.77.76 
ते वध्यमाना भीमेन धार्तराष्ट्रा: पराङ्मुखा:।
कर्णमासाद्य समरे स्थिता राजन् समन्तत:॥ ७६॥
 
 
अनुवाद
राजन! युद्धस्थल में भीमसेन द्वारा मारे जाने पर धृतराष्ट्र के पुत्र युद्ध से विमुख होकर सब ओर से कर्ण के पास आ खड़े हुए।
 
King! After being struck by Bhimasena in the battlefield, the sons of Dhritarashtra turned away from the battle and stood near Karna from all sides.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)