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mahabharat 8.77.75: धृतराष्ट्र के समस्त पुत्रों को युद्ध से विमुख होकर भागते देख भीमसेन ने उन पर बड़े जोर से आक्रमण किया और सैकड़ों बाणों की वर्षा की ॥75॥   |   mahabharat अध्याय 8.77: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार तथा भीमसेनसे शकुनिकी पराजय एवं दुर्योधनादि धृतराष्ट्रपुत्रोंका सेनासहित भागकर कर्णका आश्रय लेना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 77: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार तथा भीमसेनसे शकुनिकी पराजय एवं दुर्योधनादि धृतराष्ट्रपुत्रोंका सेनासहित भागकर कर्णका आश्रय लेना  »  श्लोक 75
 
 
श्लोक  8.77.75 
तान् दृष्ट्वा विद्रुतान् सर्वान् धार्तराष्ट्रान्पराङ्मुखान्।
जवेनाभ्यापतद् भीम: किरन् शरशतान् बहून्॥ ७५॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र के समस्त पुत्रों को युद्ध से विमुख होकर भागते देख भीमसेन ने उन पर बड़े जोर से आक्रमण किया और सैकड़ों बाणों की वर्षा की ॥75॥
 
Seeing all the sons of Dhritarashtra turning away from the battle and fleeing, Bhimasena attacked them with great force, showering several hundred arrows. ॥ 75॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)