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mahabharat 8.77.70-71h: प्रजानाथ! उसे व्याकुल जानकर आपके पुत्र दुर्योधन ने भीमसेन के सामने ही उसे अपने रथ पर बिठाकर युद्धभूमि से हटा लिया।   |   mahabharat अध्याय 8.77: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार तथा भीमसेनसे शकुनिकी पराजय एवं दुर्योधनादि धृतराष्ट्रपुत्रोंका सेनासहित भागकर कर्णका आश्रय लेना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 77: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार तथा भीमसेनसे शकुनिकी पराजय एवं दुर्योधनादि धृतराष्ट्रपुत्रोंका सेनासहित भागकर कर्णका आश्रय लेना  »  श्लोक 70-71h
 
 
श्लोक  8.77.70-71h 
ततस्तं विह्वलं ज्ञात्वा पुत्रस्तव विशाम्पते॥ ७०॥
अपोवाह रथेनाजौ भीमसेनस्य पश्यत:।
 
 
अनुवाद
प्रजानाथ! उसे व्याकुल जानकर आपके पुत्र दुर्योधन ने भीमसेन के सामने ही उसे अपने रथ पर बिठाकर युद्धभूमि से हटा लिया।
 
Prajanath! Knowing him to be distraught, your son Duryodhana took him away in his chariot from the battlefield in front of Bhimasena. 70 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)