Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.77.60-61h: वह चंचल शक्ति, भीमसेन के हाथ से छूटकर सर्प की जीभ के समान, युद्धस्थल में महाबली शकुनि पर तुरन्त गिर पड़ी। | mahabharat अध्याय 8.77: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार तथा भीमसेनसे शकुनिकी पराजय एवं दुर्योधनादि धृतराष्ट्रपुत्रोंका सेनासहित भागकर कर्णका आश्रय लेना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह चंचल शक्ति, भीमसेन के हाथ से छूटकर सर्प की जीभ के समान, युद्धस्थल में महाबली शकुनि पर तुरन्त गिर पड़ी।
That fickle energy, like the tongue of a serpent that had slipped from Bhimasena's hand, immediately fell upon the mighty Shakuni on the battlefield. 60 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥