Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.77.49-50: महाराज! तब महाबली सुबलपुत्र शकुनि अपने भाइयों से घिरे हुए महायुद्ध के लिए तत्पर हुए। युद्ध में भयंकर बलशाली भीमसेन के पास पहुँचकर उस वीर ने उसे उसी प्रकार रोक दिया, जैसे तट की भूमि समुद्र को रोक लेती है। | mahabharat अध्याय 8.77: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार तथा भीमसेनसे शकुनिकी पराजय एवं दुर्योधनादि धृतराष्ट्रपुत्रोंका सेनासहित भागकर कर्णका आश्रय लेना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! तब महाबली सुबलपुत्र शकुनि अपने भाइयों से घिरे हुए महायुद्ध के लिए तत्पर हुए। युद्ध में भयंकर बलशाली भीमसेन के पास पहुँचकर उस वीर ने उसे उसी प्रकार रोक दिया, जैसे तट की भूमि समुद्र को रोक लेती है।
Maharaj! Then the mighty Subalaputra Shakuni surrounded by his brothers advanced ready for the great battle. Reaching the terrifyingly powerful Bhimasena in the battle, that brave man stopped him in the same way as the land on the shore stops the ocean.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥