Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.77.48: चाचा! कृपया युद्ध में महाबली भीमसेन का वध कर दीजिए। यदि वे पराजित हो गए तो मैं समझूँगा कि पांडवों की विशाल सेना पराजित हो गई।'   |   mahabharat अध्याय 8.77: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार तथा भीमसेनसे शकुनिकी पराजय एवं दुर्योधनादि धृतराष्ट्रपुत्रोंका सेनासहित भागकर कर्णका आश्रय लेना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 77: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार तथा भीमसेनसे शकुनिकी पराजय एवं दुर्योधनादि धृतराष्ट्रपुत्रोंका सेनासहित भागकर कर्णका आश्रय लेना  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  8.77.48 
जहि मातुल संग्रामे भीमसेनं महाबलम्।
अस्मिन् जिते जितं मन्ये पाण्डवेयं महाबलम्॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
चाचा! कृपया युद्ध में महाबली भीमसेन का वध कर दीजिए। यदि वे पराजित हो गए तो मैं समझूँगा कि पांडवों की विशाल सेना पराजित हो गई।'
 
‘Uncle! Please kill the mighty Bhimasena in the battle. If he is defeated then I will consider that the huge army of the Pandavas has been defeated.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)